Knee Pain | घुटने का दर्द व आयुर्वेदिक इलाज

घुटने का दर्द सन्धी रोगों के अंतर्गत आता है।

सन्धी रोग में जॉइंट पर दर्द और सूजन आ जाती है, कभी कभी रेडनेस और गर्माहट भी महसूस होती है।

इसमे जॉइंट मूवमेंट के समय आवाज आती है।
जॉइंट मूवमेंट रेस्ट्रिक्ट होने लगता है, यानी ज्यादा मूवमेंट नहीं हो पाती है।

जो कुछ भी मूवमेंट होती है वो भी पेनफुल होती है।

सर्दी व बारिश के मौसम में कुछ ज्यादा ही दर्द होता है।

सन्धी रोग कई तरह के होते हैं।

संधीगतवात
यह तब होता है जब असंतुलित वात जोडों को अपना घर बना लेते हैं। अगर आपको चलने फिरने में, उठने बैठने में, या सीढिया चढ़ने उतरने में दर्द होता है तो हो सकता है आपको संधिगत वात की शिकायत हो।
इसे Osteoarthritis के समान माना जाता है।
यह महिलाओं में अधिकांश पाया जाता है।

आमवात
यह रोग आयुर्वेद की दृष्टि में आम व वात के प्रकोप से होता है। शरीर मे आम का निर्माण अपच यानी Indigestion की वजह से होता है। यह शरीर के कमजोर जॉइंट्स इकट्ठा हो जाता है और जब ये वात से मिल जाता है तब आमवात की शिकायत उत्पन्न हो जाता है।
यह खासकर छोटे जॉइंट्स को टारगेट करते हैं जैसे कलाई और उंगलियों के जॉइंट्स, लेकिन कभी कभी ये बड़े जॉइंट्स जैसे कंधे और घुटने को भी टारगेट कर सकते हैं।

वात रक्त
यह दूषित वात के साथ दूषित रक्त के मिल जाने से होता है। यह नमकीन, मसालेदार, खट्टे खानों के सेवन करने से होता है। और शारिरिक गतिविधियों के कम होने से भी होता है।

और भी दूसरे कारण हो सकते हैं घुटने के दर्द के जैसे

Medial Collateral Ligament Injury
MCL घुटने को सपोर्ट करने के लिए होता है। अगर लीगमेंट ज्यादा स्ट्रेच हो जाये तो इसमें तनाव आ जाता है जिससे इसमे दर्द होता है। यह sport या athletics के दौरन हो सकता है। अधिक व्यायाम करने से भी हो सकता है।

Medial Meniscus Injury
Meniscus cartilage होता है, जो कि जॉइंट्स में बोन्स के बीच होता है। दोनों घुटने में दो दो menisci होते हैं। जिनके डैमेज होने पर knee pain हो सकता है।

Knee Contusion
अगर आप घुटनो के बल गिर जाते हैं, या आपके घुटने पर कोई भारी चीज गिर जाती है, या फिर एक्सीडेंट की वजह से आपको घुटने का दर्द हो सकता है।

उपाय
घुटने के दर्द को ठीक करने के लिए सबसे पहले आपको अपना खान पान सुधारना होगा ।
नमकीन मसालेदार खट्टे खानों से दूर रहना होगा।
पानी ज्यादा पियें।
ज्यादा देर तक न तो खड़े रहें और न ही ज्यादा देर तक बैठें, स्टिफनेस न आने दे घुटनो में।
एन्टी इन्फ्लामेट्री और पेन किलर्स दवाएं आपके गुर्दे, पेट, लिवर, और हार्ट पर गंभीर दुष्प्रभाव छोड़ सकते हैं। वहीं आयुर्वेद काफी सुरक्षित है, और वह रोग के मूल कारणों को कम करके इलाज करता है।

आयुर्वेदिक तेल जैसे तिल के तेल को गर्म करके लगाने से काफी फायदा होता है। दूसरे तेल जैसे बला तेल, नारायण तेल और महानारायण तेल काफी फायदेमंद होता है।
आयुर्वेदिक तेलों द्वारा मसाज करने से सूजन व दर्द में काफी फायदेमंद होता है।

पंचकर्म काफी उपयोगी होता है घुटने के दर्द के इलाज में। पंचकर्म के लिए आप नीचे लिखे नंबर पर कांटेक्ट कर सकते हैं।

डॉ ईश्वरचंद्र मिश्रा (BAMS)
9969993217